5 Tips about spiritual protection You Can Use Today

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डरावना सपना देखना कोई बीमारी नहीं है, लेकिन जब यह बार-बार हो, दिनभर काम करने की क्षमता कम करे, दिमाग में उसकी यादें बनी रहें या व्यक्ति सोने से ही डरने लगे, तब इसे नाइटमेयर डिसऑर्डर माना जाता है. ऐसे लोगों में अक्सर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी, याददाश्त में कमी और बुरे सपनों का लगातार डर देखने को मिलता है. बच्चों में यह समस्या होने पर माता-पिता की नींद भी प्रभावित होती है.

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बुरे सपनों का हमारी नींद और हेल्थ पर असर

रात में क्यों आते हैं डरावने सपने? इसके पीछे क्या होती है वजह, यहां समझ लीजिए

रात को ध्यान या मेडिटेशन करके सोने से बुरे सपने नहीं आते हैं 

तनाव को कम करें: मानसिक शांति के लिए ध्यान, योग, या गहरी सांस लेने की प्रक्रिया अपनाएं। इससे न केवल आपकी नींद में सुधार होगा, बल्कि बुरे सपनों का खतरा भी कम होगा।

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अगर आपको लगता है कि आपका बढ़ता हुआ तनाव आपके सपनों के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है तो इसे कंट्रोल करने की कोशिश करें। इसके लिए अपनी सुबह की शुरुआत कसरत या मॉर्निंग वॉक से करें, दिन के समय आराम करने के लिए छोटे-छोटे ब्रेक लें। 

एक सूदिंग सी नाइट लाइट जलाकर सोने से अच्छी नींद आती है. 

रिलैक्सेशन तकनीक: एक्सपर्ट के अनुसार बिस्तर पर जाने से पहले तनाव के स्तर को प्रबंधित करने के लिए मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज, मसल्स रिलैक्सेशन check here का अभ्यास करें। इस प्रकार आपका दिमाग रिलैक्स रहता है और आपको बुरे सपने नहीं आते।

क्या होते हैं बुरे सपने और कैसे करते हैं व्यक्ति को परेशान-

कई बार दिन भर नेगेटिव विचार या फिर कई व्यर्थ बातें सोचने की वजह से रात को ऐसा होता है,

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